Saturday, December 1, 2018

RSCIT Book Lesson- 5. (Digital Payments & Platforms "डिजिटल भुगतान और प्लेटफॉर्म") Notes In Hindi 2019.

RSCIT Book Lesson- 5. (Digital Payments & Platforms "डिजिटल भुगतान और प्लेटफॉर्म") Notes In Hindi 2019.  :- We Are Share Notes of RSCIT Official Book Lesson No. 5. In Hindi Language, So Read and Get High Marks In RSCIT Exam.

Rscit Book Lesson | Rscit Book Lesson Notes | Rscit Book Lesson Notes Number 5 | Rscit Book Lesson Notes Number 5 In Hindi | Notes Of Rscit Book In Hindi | Rkcl New Book Notes In Hindi Lesson 5 | Rscit New Book Notes In Hindi Lesson | Notes Of Rscit Book Lesson 5 | Download Rscit Notes | Rscit Book Notes In Hindi Pdf | Lesson -5 | Part- 1 And 2.

Rscit Book Lesson,Rscit Book Lesson Notes,Rscit Book Lesson Notes Number 5,Rscit Book Lesson Notes Number 5 In Hindi,Notes Of Rscit Book In Hindi,Rkcl New Book Notes In Hindi Lesson 5,Rscit New Book Notes In Hindi Lesson,Notes Of Rscit Book Lesson 5,Download Rscit Notes,Rscit Book Notes In Hindi Pdf,Lesson -5,Part- 1 And 2.
RSCIT Book Lesson- 5. (Digital Payments & Platforms "डिजिटल भुगतान और प्लेटफॉर्म") Notes In Hindi 2019.
इस अध्याय में हम पढ़ेंगे ऑनलाइन बैंकिंग क्या होती है, इसके क्या लाभ होते हैं, कौन कौन सी ऐसी सुविधाएं हैं जिनके माध्यम से हम ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ साथ बैंक खाते कैसे खोले जाते हैं, ऑनलाइन या डिजिटल भुगतान पद्धतियां और प्लेटफार्म इत्यादि के बारे में हम जानेंगे।

नोट :- अगर आप इस RSCIT Notes को वीडियो के माध्यम से समझना चाहते हैं, तो हमने इस पोस्ट के बिल्कुल अंत में आपके लिए एक अच्छा सा वीडियो भी जोड़ा है। तो अगर आपको वीडियो देख कर पढ़ना आसान लगता है, तो कृपया करके आप वीडियो को इस पोस्ट के बिल्कुल अंत में जाकर देख सकते हैं।

➤ डिजिटल भुगतान और प्लेटफार्म :

ऑनलाइन बैंकिंग -
यह इंटरनेट बैंकिंग, नेट बैंकिंग, ई बैंकिंग, वर्चुअल बैंकिंग के रूप में जाना जाता है। यह एक पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से अलग है। जहां ग्राहक अपनी सेवाओं का उपयोग करने के लिए बैंक शाखा में जाते हैं। इसमें सामान्यतया उपयोगकर्ता आईडी, यूजरनेम, पासवर्ड और ग्राहक सत्यापन के लिए अन्य क्रेडेंशियल शामिल होते हैं। आज एक सुरक्षित वेबसाइट का उपयोग करने के अलावा ट्रांजैक्शन और सुरक्षा बनाने के लिए वित्तीय संस्थानों द्वारा ओ.टी.पी. वन टाइम पासवर्ड (ग्राहक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा गया एक पासवर्ड) का उपयोग किया जाता है।
आमतौर पर यह वित्तीय संस्थान ग्राहकों द्वारा किए गए ट्रांजैक्शन से संबंधित मैसेज और ईमेल ग्राहकों को भेजते हैं।

➧ ऑनलाइन बैंकिंग के लाभ -
  • कहीं भी, किसी भी समय बैंकिंग
  • ट्रांजैक्शन पर कम लागत /समय की बचत
  • बहुत सुरक्षित
  • पैसे तुरंत और सही जगह स्थानांतरित करना
  • घर बैठे बैठे यूटिलिटी बिल भरना 
  • और कई अन्य सेवाओं का लाभ उठाना। 

➧ ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से सेवाएं -
आज वर्तमान बैंक सभी सेवाएं हमें प्रदान कर रहे हैं, कुछ महत्वपूर्ण सेवाएं निम्न है -
  • आधार प्रमाणीकरण के जरिए बैंक खाता खोलना 
  • अपने खाते की शेष राशि और स्टेटमेंट की जांच करना 
  • अपने खाते से किसी अन्य खाते में धन स्थानांतरित करना 
  • फिक्स डिपॉजिट और अन्य निवेश करना 
  • यूटिलिटी बिल टेलीफोन व मोबाइल बिल, क्रेडिट कार्ड बिल इत्यादि का भुगतान करना
  • चेक बुक के लिए अनुरोध करना, चेक का भुगतान रोकना, अपने क्रेडिट कार्ड/ डेबिट कार्ड आदि को ब्लॉक /अनब्लॉक करना 
  • डेबिट कार्ड की पिन जनरेट करने के लिए अनुरोध। 
 बैंक में खाता खोले जाने की प्रक्रिया - 
वर्तमान में किसी बैंक में खाता खोलना बहुत आसान हो गया है। खाता खोलने से पहले आपको पता होना चाहिए कि आप कौन सा खाता खुलवाना चाहते हो। 
खातों के भी प्रकार होते हैं जैसे- बचत खाता, चालू खाता, आवर्ती खाता आदि। 
अगर आपको खाता खुलवाना हो तो आप अपने नजदीकी बैंक में जा सकते हैं। इस कार्य में बैंक के कर्मचारी आपकी पूरी मदद करते हैं ।

 जनधन खाता : प्रधानमंत्री जन धन योजना भारत सरकार द्वारा अगस्त 2014 में शुरू की गई थी जो कि कमजोर वर्गों के लिए है। 

जनधन खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज निम्नलिखित है -
जनधन खाता खोलने के लिए आपके पास आपका आधार कार्ड होना आवश्यक है और आप के आधार कार्ड में आपका वर्तमान पता होना चाहिए अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो आप मतदान पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, नरेगा कार्ड आदि का भी उपयोग कर सकते हैं पर इनके अंदर आपका वर्तमान पता सही होना चाहिए। 

भामाशाह सक्षम बैंक खाता : भामाशाह योजना की पहल 2008 में राजस्थान सरकार द्वारा सीधे लाभ हस्तांतरण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। यह योजना वित्तीय समावेश का एक परिवार आधारित कार्यक्रम है। जहां प्रत्येक परिवार को भामाशाह कार्ड जारी किया जाता है। यह कार्ड बैंक खाते से जुड़ा हुआ है जो परिवार के मुखिया यानि घर की महिला के नाम पर होता है। 

भामाशाह कार्ड बायोमेट्रिक पहचान और कोर बैंकिंग का प्रयोग करता है। भामाशाह कार्ड के माध्यम से कई कैश बेनिफिट का उपयोग किया जाएगा। और उन्हें लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित किया जा सकेगा। गैर नगद लाभ सीधे हकदार लाभार्थियों को दिया जाएगा। 





भामाशाह योजना में नामांकन दोनों ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीकों से किया जा सकता है। ऑनलाइन नामांकन e-mitra से या फिर भामाशाह पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। आधार नंबर के साथ भामाशाह नामांकन किया जा सकता है। यदि आधार नंबर नागरिक के पास उपलब्ध नहीं है तो आधार पंजीकरण करवाने और अपडेट करने के लिए चयनित ई मित्र कियोस्क पर सुविधाएं उपलब्ध हैं। 

ऑनलाइन या डिजिटल भुगतान पद्धतियां और प्लेटफार्म -
एक डिजिटल भुगतान प्रणाली ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की स्वीकृति प्रदान करती है। डिजिटल भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट और कई अन्य भुगतान मोड के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है। भारत में बहुत सारे डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म है। 

 क्रेडिट कार्ड भुगतान : क्रेडिट कार्ड एक छोटा सा प्लास्टिक कार्ड है। यह इलेक्ट्रॉनिक पैसे का सबसे आसान रूप है जो उपलब्ध है और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन भुगतान करना बहुत ही आसान है। 

आप जब इसका भुगतान करेंगे तो  आपके सामने नीचे दी हुई इमेज जैसी विंडो खुलती है।
 क्रेडिट कार्ड भुगतान
क्रेडिट कार्ड भुगतान 
तो आप इसके अंदर नेम और कार्ड नंबर एक्सपायर डेट आदि डालकर अपना अपना योगदान कर सकते हैं इसके अंदर ओ.टी.पी. (One Time Password) की सुविधा भी होती है।

➥ डेबिट कार्ड : डेबिट कार्ड को बैंक कार्ड या चेक कार्ड भी कह सकते हैं। यह एक प्लास्टिक का भुगतान कार्ड होता है। इसका इस्तेमाल खरीदारी करते समय नकदी के बजाय किया जाता है। यह एक क्रेडिट कार्ड के समान है।
लेकिन क्रेडिट कार्ड के विपरीत कोई ट्रांजैक्शन करते समय धन सीधी आपके खाते से ही डेबिट हो जाती है। इसके द्वारा ट्रांजैक्शन करने की प्रक्रिया आप नीचे इमेज में देख सकते हो।
 डेबिट कार्ड
डेबिट कार्ड
आपको अपना कार्ड का नेम अर्थात बैंक का नेम सिलेक्ट करना पड़ता है। कार्ड पर जो नेम है वह नेम एंटर करना पड़ता है कार्ड नंबर एक्सपायरी डेट और सी.वी.वी नंबर जो कि आपके डेबिट कार्ड के पीछे की तरफ होते हैं।

आपको बता दें आप अपना सीवीवी नंबर और डेबिट और क्रेडिट कार्ड के नंबर किसी से भी शेयर न करें क्योंकि आजकल बहुत सारी फ्रॉड कॉल होती हैं जो कि हमारे बैंक अकाउंट से पैसे को उड़ा देते हैं।

डेबिट कार्ड भी ओटीपी का उपयोग करता है। आपको बता दें वर्तमान में जितने भी ऑनलाइन वर्क या फिर ट्रांजैक्शन होते हैं। उनमें ओटीपी का यूज़ होता ही है। और जब हम क्रेडिट या डेबिट कार्ड का यूज़ करते हैं तो, बैंक हमें इसकी जानकारी हमारे मोबाइल पर एसएमएस के द्वारा या फिर ईमेल के द्वारा देता।

➥ रुपे कार्ड भुगतान : RuPay, रुपए और पेमेंट का एक संयोजन है। भारत के राष्ट्रीय भुगतान निगम अर्थात एन.पी.सी.आई - नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा बनाया और लांच किया गया है। यह डेबिट कार्ड का एक भारतीय संस्करण है। यह देश में भुगतान प्रणालियों के एकीकरण के इरादे से बनाया गया है। रुपे कार्ड से भुगतान करने के तरीके डेबिट और क्रेडिट कार्ड के समान ही है।
 रुपे कार्ड भुगतान
➥ नेट बैंकिंग भुगतान : नेट बैंकिंग भुगतान आपके बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सेवा का उपयोग करता हैं। भारत में सबसे लोकप्रिय भुगतान विधियों में से एक है। यह डेबिट कार्ड की तरह ही काम करता है जहां हम डेबिट कार्ड के नंबर और नेम डालते हैं वहां पर हमें अपने इंटरनेट बैंकिंग खाते को लॉगइन करना होता है। इसमें भी खरीदारी करने के तुरंत बाद धनराशि हमारे बैंक खाते से काट ली जाती है।

➥ पॉइंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.) : पॉइंट ऑफ सेल टर्मिनल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। जिसका इस्तेमाल खुदरा स्थानों पर कार्ड भुगतान प्रक्रिया में किया जाता है। एक पी.ओ.एस. टर्मिनल आमतौर पर सभी तरह के क्रेडिट और डेबिट कार्ड भुगतान की सुविधा देता है इसे आप नीचे पिक्चर में देख सकते हो।
पॉइंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.)
पॉइंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.)





➥ मोबाइल भुगतान प्रणाली :
मोबाइल भुगतान आमतौर पर मोबाइल डिवाइस से या उसके द्वारा की जाने वाली भुगतान सेवाओं से संबंधित है। ऐसे कई मोबाइल भुगतान सेवाएं हैं, जिनका इस्तेमाल भारत में किया जा रहा है।
जैसे - डिजिटल / मोबाइल वॉलेट, UPI- यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस, BHIM- Bharat Interface for Money, USSD- Unstructured Supplementary Service Data, AEPS- Aadhaar enabled payment system, Micro ATM  इत्यादि।

मोबाइल / डिजिटल वॉलेट : यह एक भौतिक वॉलेट या बटुए का डिजिटल समतुल्य है। जिसमें हम पैसे रख सकते हैं। यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। जो उपयोगकर्ता को एक बैंक अकाउंट की तरह पैसा रखने की सुविधा देता है। इस खाते को का उपयोग करने के लिए आपको खाता बनाना आवश्यक होता है। इस मोबाइल वॉलेट खाते में डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन या नकदी के माध्यम से आप पैसे जमा कर सकते हो। और उसके बाद में इस्तेमाल कर सकते हो।
बैंक खाते के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और मोबाइल वॉलेट के बीच मुख्य अंतर यह है। कि बैंकों के विपरीत मोबाइल वॉलेट में ट्रांजैक्शन पर कितनी भी राशि हो, कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। इसके अलावा ग्राहक को हर ट्रांजैक्शन पर अनावश्यक कार्ड विवरण और पिन दर्ज करने की जरूरत नहीं होती।
यह आसान और सुविधाजनक है क्योंकि उपयोगकर्ता को सिर्फ खाते में साइन इन कर भुगतान करना होता है।

भारत में कई मोबाइल वॉलेट उपलब्ध हैं। कुछ बैंकों द्वारा और कुछ निजी कंपनी द्वारा चलाए जा रहे हैं

मोबाइल वॉलेट के कुछ उदाहरण - PayTM, SBI Buddy, Freecharge, Mobikwik, PhonePe, Oxygen, M-rupee, PayUmoney, Airtel Money, Jio Money, Vodafone m-paisa, Axis bank lime, ICICI Pockets, SpeedPay etc. 

➲ पेटीएम - इसे आप इसकी वेबसाइट paytm.com से या गूगल प्ले स्टोर से अपने स्मार्टफोन या मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हो। डाउनलोड करने के बाद में आपको इसे इंस्टॉल करना पड़ेगा। और इंस्टॉल करने के बाद में एप्स के अंदर आपको रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। रजिस्ट्रेशन के बाद आप पेटीएम अकाउंट को लॉगइन कर सकते हैं। और इसका उपयोग कर सकते हैं।
आप अपने पेटीएम वॉलेट में पैसे जोड़ने के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग जैसे किसी भी तरीके का उपयोग कर सकते हैं। पेटीएम में ऐड मनी फीचर का उपयोग करके आप इसमें पैसे जोड़ सकते हैं।
पेटीएम के द्वारा हम ट्रेन, बस, हवाई जहाज, इवेंट टिकट आदि भी बुक कर सकते हैं।

➲ फ्रीचार्ज - फ्रीचार्ज एक ई-कॉमर्स वेबसाइट और मोबाइल वॉलेट है। भारत में प्रीपेड और पोस्टपेड मोबाइल, डी.टी.एच. डाटा कार्ड रिचार्ज करने के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान करता है। यह एप्लीकेशन हमें चैट और पे सुविधा प्रदान करती है।
यह स्प्लिट बिल जैसी कुछ रोचक सुविधाएं प्रदान करता है। इस एप्लीकेशन को भी आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं और आप अपने मोबाइल नंबर से खुद को पंजीकृत कर इसका उपयोग कर सकते हैं दोस्तों यह पेटीएम से मिलती-जुलती सेवाएं प्रदान करते हैं।

➲ स्टेट बैंक बडी - स्टेट बैंक बडी आपके स्मार्टफोन हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा बनाया गया एक मोबाइल वॉलेट है। यह एक अर्ध-बंद (Cemi-closed) प्रीपेड वॉलेट है, जिसका इस्तेमाल अन्य वॉलेट के उपयोगकर्ताओं और बैंक खातों में कभी भी, कहीं भी पैसा ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।
आप स्टेट बैंक बडी को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं और यह एप्लीकेशन हिंदी और इंग्लिश दो भाषाओं सहित उपलब्ध है।
इसका उपयोग करके आप निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं -
पैसे भेजना, अपना विवरण देखना, प्रीपेड मोबाइल और डीटीएच रिचार्ज करना, अपने बिलों का भुगतान करना, मूवी टिकट बुक करना, ऑनलाइन मर्चेंट भुगतान करना इत्यादि।

➲ यू.पी.आई. (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) - यह प्रणाली NPCI- National Payment Corporation of India (राष्ट्रीय भुगतान निगम) द्वारा विकसित की गई है। UPI एक ग्राहक को बिना क्रेडिट कार्ड विवरण, आई.एफ.एस.सी. कोड या नेट बैंकिंग या वॉलेट पासवर्ड का विवरण दर्ज किए एक बैंक खाते से अलग अलग पारियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान करने की अनुमति देता है।
UPI App को आप आसानी से प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। और इसमें अपना पंजीकरण कर सकते हैं।  इस वॉलेट का इस्तेमाल करने के लिए आपको इसमें M-Pin (Mobile Banking Personal Identification Number) तैयार करना होता है। क्योंकि यह मोबाइल के माध्यम से किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए आवश्यक होता है।

➲ BHIM - Bharat Interface for Money - यूपीआई पर आधारित एक एकीकृत भुगतान समाधान एप्लीकेशन है। यदि आपने अपने बैंक खाते पर यूपीआई आधारित भुगतानओं के लिए साइन अप किया है जो आपके मोबाइल नंबर से जुड़ा हुआ है। तो आप डिजिटल ट्रांजैक्शन करने के लिए भीम ऐप का उपयोग करने में सक्षम होंगे। इसमें वह सभी भारतीय शामिल होते हैं। जो तत्काल भुगतान सेवा के आधार पर बने प्लेटफार्म का उपयोग करते हैं। और उपयोगकर्ता को किसी भी दो पार्टियों के बैंक खातों के बीच तुरंत धन हस्तांतरण करने की अनुमति देता है। इसे भी आप प्ले स्टोर से जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।

➲ USSD- Unstructured Supplementary Service Data - यह सेवा बुनियादी सुविधा युक्त मोबाइल फोन का उपयोग करके मोबाइल बैंकिंग ट्रांजैक्शन की अनुमति देता है। USSD सेवाओं के लिए आपके पास इंटरनेट कनेक्शन या फिर स्मार्टफोन होने की आवश्यकता नहीं है। यह सेवा आप अपने मोबाइल फोन पर एक संख्या *99#  डायल करके इस्तेमाल कर सकते हैं। जो सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताअों  (TSP -टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर) में एक समान होता है।
मोबाइल स्क्रीन पर प्रदर्शित इंटरएक्टिव मैन्यू से यह सेवा काम करती है। हिंदी और इंग्लिश सहित कई भाषाओं में उपलब्ध है। यूएसएसडी में धन ट्रांसफर करने की एक सीमा होती है। और यह सेल्फ सर्विस मॉड पर चलता है। इसमें ट्रांजैक्शन करने के लिए आपको "मोबाइल मनी पहचानकर्ता" अर्थात MMID (Mobile Money Identifier ) और M-Pin की आवश्यकता पड़ेगी।

USSD पर उपलब्ध सेवाएं-
 बैलेंस पूछना, मिनी स्टेटमेंट, फंड ट्रांसफर, एमएम आईडी जाने, एमपिन बदले, ओटीपी उत्पन्न करें, इत्यादि।

➲ AEPS- Aadhaar Enabled Payment System -  बैंक खाते से धन प्राप्त करने का एक तरीका है। धन प्राप्त करने की यह व्यवस्था ने तो आपके हस्ताक्षर और ना ही डेबिट कार्ड की मांग करती है। यह प्रमाणीकरण के आधार डाटा का लाभ उठाती है। UPI और USSD की तरह यह भारत के राष्ट्रीय भुगतान निगम ( NPCI) की एक और पहल है।
AEPS एक मशीन है जिसे माइक्रो एटीएम भी कहा जाता है। यह मशीन POS मशीन के समान है जो क्रेडिट, कार्ड डेबिट कार्ड स्वीकार करते हैं। इसमें एक मात्र अंतर यह है कि यह मशीन कार्ड के बजाय आपको अपने बायोमेट्रिक (आमतौर पर फिंगरप्रिंट) का उपयोग कर के भुगतान करने की अनुमति देती है।
आप इसे डाउनलोड कर सकते हो।
इसके द्वारा हम- बैलेंस पूछताछ, नगद निकासी, नगद जमा और फंड ट्रांसफर जैसी सेवाएं ले सकते हैं।

➲ गूगल तेज एप : गूगल तेज़ एक मोबाइल पेमेंट सर्विस है, जो भारत के यूजर को ध्यान में रख कर बनाई गई है।  तेज शब्द हिंदी भाषा से लिया गया है, इसका अंग्रेजी में अर्थ होता है, फास्ट। गूगल भारत में प्रयोग किए जाने वाले सभी स्मार्टफोंस को सपोर्ट करता है। इसमें कई भाषाएं इस्तेमाल की जाती हैं।
जैसे - अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, मराठी ,बंगाली, कन्नड़, तमिल, तेलुगू इत्यादि।
गूगल IOS and Android दोनों प्रकार की मोबाइल डिवाइस के लिए उपलब्ध है।
इसका आप आसानी से उपयोग कर सकते हैं।

हमने आपके लिए अध्याय 5 के सभी नोटस की वीडियो बनाई है आप चाहे तो इन वीडियो को भी देख सकते हैं।
Part-1

Part- 2


आपको ये - RSCIT Book Lesson- 5. (Digital Payments & Platforms "डिजिटल भुगतान और प्लेटफॉर्म") Notes In Hindi 2019कैसा लगा। अगर आप RSCIT Book के Other Lessons के Notes पढ़ना चाहते हैं तो, हम RSCIT Book के सभी Lessons के नोट्स आपको प्रदान करेंगे। हम आशा करते हैं की आप इस नोट्स को अपने RSCIT Friends के साथ जरूर शेयर करेंगे।

LearnRSCIT.com RSCIT Students के लिए हैं। यहाँ वो सब आपको मिलेगा। जिसके कारण आप आपने RSCIT Exam में अच्छे नंबर ला सकेंगे।

Thank u So Much, Have a Nice Day.

Rscit Book Lesson | Rscit Book Lesson Notes | Rscit Book Lesson Notes Number 5 | Rscit Book Lesson Notes Number 5 In Hindi | Notes Of Rscit Book In Hindi | Rkcl New Book Notes In Hindi Lesson 5 | Rscit New Book Notes In Hindi Lesson | Notes Of Rscit Book Lesson 5 | Download Rscit Notes | Rscit Book Notes In Hindi Pdf | Lesson -5 | Part- 1 And 2.